पार्टी का आधिकारिक 24-सूत्रीय एजेन्डा
अति पिछड़ों, अति दलितों, किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों के सर्वांगीण उत्थान हेतु हमारा कार्य-बिंदु संकल्प।
वैज्ञानिक एवं तर्कशील दृष्टिकोण
समाज में अंधविश्वास व कुरीतियों को दूर कर वैज्ञानिक तथा तर्कशील दृष्टिकोण को बढ़ावा देना।
वर्गीकृत आरक्षण एवं आयोग रिपोर्ट
सामाजिक न्याय समिति, 2001, उत्तर प्रदेश के आधार पर गठित न्यायमूर्ति राघवेंद्र आयोग (उत्तर प्रदेश सरकार) एवं न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग (केंद्र सरकार) की रिपोर्ट को प्रकाशित करना तथा उसमें पिछड़ा, अति पिछड़ा एवं सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग का वर्गीकरण कर आरक्षण लागू करना।
अत्याचार निवारण कानून
सर्वाधिक पिछड़े वर्ग के लिए अत्याचार निवारण कानून लागू करना।
जाति जनगणना का क्रियान्वयन
जाति जनगणना को ईमानदारी से लागू करना।
स्थानीय निकायों में वर्गीकृत चुनाव
जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत, नगर-निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों में पिछड़े व अनुसूचित जाति के पदों का वर्गीकरण कराकर चुनाव कराना।
आबादी के अनुसार समानुपातिक आरक्षण
देश के समस्त वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में सरकारी नौकरियों सहित समस्त क्षेत्रों में वर्गीकृत आरक्षण व्यवस्था लागू करना।
मंडल स्तर पर निःशुल्क आवासीय कोचिंग
अति पिछड़े व वंचित वर्गों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, UPPSC आदि) हेतु मंडल स्तर पर आवासीय विद्यालयों के रूप में फ्री कोचिंग की व्यवस्था।
गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा (नवोदय मॉडल)
प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन कर समस्त परिषदीय विद्यालयों को नवोदय/जवाहर विद्यालयों के समतुल्य आधुनिक बनाना।
100% दवा व उच्चस्तरीय स्वास्थ्य केंद्र
प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (PHC/CHC) को उच्च स्तरीय सुविधायुक्त बनाना तथा इनमें शत-प्रतिशत दवाओं की निःशुल्क उपलब्धता सुनिश्चित कराना।
अति पिछड़ा वित्त निगम एवं 60% अनुदानित ऋण
अति पिछड़ा समाज हेतु राज्य वित्त निगम की स्थापना कराना व उद्योग लगाने हेतु समाज के उद्यमियों को मात्र 4% ब्याज दर पर ₹20.0 लाख तक का ऋण मय 60% अनुदान (Subsidy) सहित देना।
सरकारी ठेकों में वर्गीकृत आरक्षण
सरकार के समस्त प्रकार के निर्माण व आपूर्ति ठेकों में पिछड़े एवं अनुसूचित जाति हेतु वर्गीकृत आरक्षण व्यवस्था लागू करना।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
नौकरियों में भर्ती हेतु समस्त अभ्यर्थियों का पहले अनारक्षित श्रेणी में चयन, उसके उपरांत ही शेष अभ्यर्थियों का वर्गीकृत आरक्षण के अनुसार पारदर्शी चयन।
सामाजिक सर्वेक्षण एवं सशक्तिकरण
सटीक सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों के लिए राष्ट्रव्यापी सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण अनिवार्य रूप से कराना।
शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति व फीस प्रतिपूर्ति
अनुसूचित जाति की तर्ज पर अति पिछड़ों के प्रत्येक छात्र को शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर शत-प्रतिशत फीस प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति हेतु नियमित बजट आवंटन।
आरक्षण बैकलॉग की समयबद्ध भर्ती
विभिन्न सरकारी विभागों में पिछड़े व दलित वर्गों के रिक्त आरक्षित बैकलॉग पदों को विशेष अभियान चलाकर निर्धारित समय में पूरा कराना।
संविदा व आउटसोर्सिंग में वर्गीकृत आरक्षण
संविदा तथा आउटसोर्सिंग से भरे जाने वाले पदों में भी वर्गीकृत आरक्षण व्यवस्था लागू कराना।
अदालती वादों का समयबद्ध निस्तारण
चकबन्दी, राजस्व व जनपदीय अदालतों में विचारधीन समस्त वाद एवं विवादों के निस्तारण हेतु समयबद्धता सुनिश्चित कराना।
अति पिछड़े वर्गों हेतु अलग मंत्रालय
अति पिछड़े वर्गों हेतु अलग मंत्रालय का गठन।
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना
कृषकों के कल्याण हेतु स्वामी नाथन आयोग की जो सिफारिशें राज्य सरकार के स्तर पर सम्भव है उन्हें लागू किया जायेगा।
माइक्रो फाइनेंस व्यवस्था (अमर्त्य सेन मॉडल)
नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन द्वारा प्रतिपादित माइक्रो फाइनेन्स के सिद्धान्त को अति पिछड़े समाजों हेतु लागू करना।
केन-बेतवा लिंक परियोजना व सिंचाई विस्तार
बुन्देलखण्ड में सूखे की समस्या के समाधान हेतु केन-बेतवा लिंक परियोजना युद्ध स्तर पर पूर्ण कराना। इसके अलावा यमुना सहित क्षेत्र की समस्त नदियों पर बैराज/पम्प कैनाल बनाकर शत् प्रतिशत क्षेत्र को सिंचित करना।
कल्याणकारी परियोजनाओं का सोशल ऑडिट
समस्त सामाजिक कल्याण परियोजनाओं का पात्रों तक पहुँचाना सुनिश्चित करने हेतु सोशल ऑडिट कराना।
कुटीर उद्योग, हथकरघा व मत्स्य पालन प्रोत्साहन
कुटीर/छोटे उद्योगों यथा हैन्डलूम मत्स्य पालन आदि को बढ़ावा देना।
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था व डॉक्टर प्रशिक्षण
तथाकथित भोला-छाप डॉक्टर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। परंतु कानूनी संरक्षण न होने के कारण उन्हें होने वाली परेशानियों को देखते हुए उनके उचित प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
पार्टी की 4 अनिवार्य संवैधानिक घोषणाएं
आंतरिक लोकतंत्र, अहिंसा और संविधान के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का वैधानिक प्रमाण।
नियमित समयबद्ध चुनाव
पार्टी सभी पदों तथा पदाधिकारियों के समयबद्ध नियमित चुनाव 04 (चार) वर्ष में एक बार अवश्य कराएगी।
मूल सिद्धांत
पार्टी लोकतंत्र, समाजवाद तथा धर्मनिरपेक्षवाद को अपने मूल सिद्धांत घोषित करती है।
अहिंसा की प्रतिबद्धता
पार्टी यह घोषित करती है कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा को बढ़ावा नहीं देगी और न ही उसमें शामिल होगी।
निर्वाचन सहभागिता
पार्टी यह घोषित करती है कि वह अपने पंजीकरण के पांच वर्षों के अंदर निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाने वाले चुनाव लड़ेगी तथा उसके पश्चात चुनाव लड़ना जारी रखेगी।
क्या आप हमारे इस मिशन के सहभागी बनना चाहते हैं?
आइए, संविधान के सिद्धांतों की रक्षा के लिए एक कदम बढ़ाएं और अपने गांव-शहर में राष्ट्रीय भागीदारी पार्टी की विचारधारा को मजबूत करें।
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